पौड़ी गढ़वाल दुधारखाल क्षेत्र मे 10 वर्ष बाद हुई बर्फबारी से

बुधवार को जहां पर्यटन नगरी लैंसडौन में जमकर ओलावृष्टि हुई, वहीं दुधारखाल क्षेत्र में दस वर्ष बाद हुई बर्फबारी से ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। सतपुली सहित आसपास के क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि हुई। दूसरी ओर, धुमाकोट क्षेत्र में बर्फबारी के कारण तहसील मुख्यालय का क्षेत्र के अन्य हिस्सों से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया।

बुधवार को लगातार दूसरे दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। बुधवार सुबह धुमाकोट, दुधारखाल, रिखणीखाल, बीरोंखाल, चौबट्टाखाल सहित अन्य क्षेत्रों में जहां हल्की बर्फबारी हुई, वहीं लैंसडौन, गुमखाल, सतपुली, द्वारीखाल सहित तमाम क्षेत्रों में जमकर ओलावृष्टि हुई। बारिश व ओलावृष्टि के कारण क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। इधर, धुमाकोट क्षेत्र में बर्फबारी के कारण तहसील मुख्यालय का क्षेत्र के अन्य हिस्सों से संपर्क पूरी तह टूट गया है। बर्फबारी के कारण रामनगर-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग सहित धुमाकोट-बैजरो, धुमाकोट-किनगोड़ीखाल, धुमाकोट-खाल्यूंडांडा, धुमाकोट-पीपलीमोटर मार्गों पर यातायात पूरी तरह बंद रहा। क्षेत्र में कई मार्गों पर वाहन फंसने से यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।

दुधारखाल क्षेत्र में बुधवार सुबह ओलावृष्टि हुई व अचानक ही बर्फबारी होने लगी और देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। दुधारखाल स्थानीय निवासियो ने बताया कि दस वर्ष पूर्व भी दुधारखाल क्षेत्र में इस तरह का नजारा देखने को मिला था। बताया कि दुधारखाल ही नहीं, आसपास के तमाम क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई है।

ओलावृष्टि ने तोड़ी कमर

मंगलवार को हुई बारिश जहां क्षेत्र में काश्तकारों के लिए अमृत साबित हुई, वहीं बुधवार को हुई ओलावृष्टि ने काश्तकारों की कमर तोड़ दी। ओलावृष्टि के कारण काश्तकारों की प्याज, धनिया, लहसुन सहित अन्य फसलें खराब हो गई। जिन क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, वहां फसल पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।

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