5 लाख की छूट ने मध्य वर्ग को कुछ देर के लिए चक्कर में डाल दिया

बजट में शुक्रवार को पांच लाख तक की आयकर छूट के ऐलान ने मध्‍य वर्ग को कुछ देर के लिए चक्कर में डाल दिया। बाद में असली तस्‍वीर सामने आई है। इसके बाद पांच लाख से ज्यादा आयकर वालों के चेहरे लटक गए। दरअसल, अंतरिम बजट में पांच लाख तक टैक्स वाले इनकम ही टैक्स से छूट दी गई है। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बजट में मध्‍यवर्ग के लिए स्टैंडर्ड छूट को बढ़ाकर 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया गया है।

मतलब वास्‍तविक तस्वीर यह है कि अगर आपकी टैक्सेबल इनकम (टैक्स छूट घटाने के बाद) पांच लाख से ज्यादा है तो आपको मौजूद टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा। बजट के बाद कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने इसे स्‍पष्‍ट करते बताया। उन्‍होंने ऐसा क्यों किया, इसकी वजह भी बताई।

कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि टैक्स के प्रस्‍ताव जुलाई में आने वाले मुख्य बजट में आएंगे। उन्होंने कहा कि मैंने टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया है। टैक्स रेट और लिमिट के प्रस्‍ताव मुख्‍य बजट में तय होंगे। जनता का आशीर्वाद बना रहेगा तो जुलाई 2019 में मोदी सरकार यह बजट लेकर आएगी।

आखिर 5 लाख की आय वालों को ही यह छूट क्यों दी गई, गोयल ने इसकी वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि एक ऐसा वर्ग है जो निम्न मध्य वर्ग है। पीएम मोदी ने इन्हें नियो मिडिल क्लास कहा था। इन सबको अगर अभी टैक्स लाभ का पता नहीं चलता तो टैक्स छूट के कारण फाइनल बजट तक आय में कटौती होती और उनकी आमदनी घटती। इससे उनको रिफंड के लिए टैक्स विभाग के पास जाना होता। इस असुविधा से बचाने के लिए 3 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स को यह लाभ दिया गया है।’ उन्होंने कहा कि जिसकी भी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपये तक है, वह इस छूट का हकदार होगा।

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