जहरीली शराब पीने से 17 लोगो की मौत,57 घायल,13अधिकारी निलंबित

भगवानपुर में जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की मौत, 57 गंभीर; 13 अधिकारी निलंबित

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पांच गांवों में जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 57 अन्य बीमार हैं। इनमें 10 की हालत गंभीर बताई जा रही है। इन्हें रुड़की, हरिद्वार व देहरादून के सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहरीली शराब के कहर के बाद से आसपास के गांवों में भी दशहत है।

एक रोज पहले शराब पीने वाले कुछ लोग अफरा-तफरी में अस्पताल चेकअप के लिए भी पहुंचे। इस बीच, ड्यूटी में प्रथमदृष्टया लापरवाही के आरोप में 17 कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इनमें एक थानेदार, एक चौकी प्रभारी, दो बीट सिपाही, दो क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक, एक उप निरीक्षक और 10 आबकारी सिपाही शामिल हैं।

डीएम ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने भी अपने स्तर पर एसपी देहात की अगुआई में एसआइटी गठित की है। इतनी मौतों के बाद हरकत में आई पुलिस और प्रशासनिक टीम ने कच्ची शराब बनाने वालों की धरपकड़ को छापेमारी भी की। इधर, राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घटना पर शोक व्यक्त किया।

घटना हरिद्वार जिले के झबरेड़ा थाना क्षेत्र में सामने आई। यहां बाल्लूपुर, जहाजगढ़, भलस्वागाज, बिंडू व खड़क गांव में वीरवार शाम जहरीली कच्ची शराब से पीने वालों के मरने का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात गहराने के साथ ही कहर में बदलता गया। अभी तक इन गांवों में जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें कुछ लोगों को रात में तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जबकि कुछ लोग शुक्रवार सुबह घर में अपने बिस्तर पर मृत पाए गए। इसके बाद इन गांवों में चीख पुकार मची और मातम पसर गया। मरने वालों की उम्र 40 से 55 साल के बीच बताई जा रही है। बताया गया कि जिन लोगों की मौत हुई है उन्होंने शराब बाल्लूपुर और बिंडू गांव से खरीदी थी।

जहरीली शराब के कहर से प्रभावित ये पांचों गांव दो से तीन किलोमीटर के दायरे में बसे हैं। बताया गया कि मृतकों में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो दो रोज पहले एक व्यक्ति के घर तेरहवीं में गए थे, वहां उन्हें शराब परोसी गई थी। इस परिवार का एक व्यक्ति भी मृतकों में शामिल है। शुक्रवार सुबह इतनी बड़ी संख्या में मौत व लोगों के बीमार होने की सूचना मिलने पर शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया। गढ़वाल रेंज के आइजी अजय रौतेला, हरिद्वार के डीएम दीपक रावत और एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर जानकारी जुटाई। प्रशासनिक टीम ने कई घरों से बीमारों को अस्पतालों तक पहुंचाया।

हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि इनमें कितनों की जहरीली शराब पीने से मौत हुई। घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को जांच सौंपी गई है।

दो शवों का बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार

पुलिस व प्रशासनिक अमला गांवों में जुटने पर ग्रामीणों में यह अफवाह फैल गई कि शराब बनाने और बेचने वालों के साथ-साथ पीने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद बाल्लूपुर गांव में दो शवों का बिना पोस्टमार्टम ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। आनन-फानन में अंतिम संस्कार की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, मगर तब तक अंतिम संस्कार किया जा चुका था। 12 शवों को रुड़की सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है।
इस हृदय विदारक घटना में जान गंवाने वालों के प्रति मेरी संवेदना

मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार जिले की रुड़की तहसील में शराब से हुई मौतों के मामले में आबकारी विभाग के 13 व पुलिस के चार अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना की मजिस्ट्रीयल जांच और मुख्य सचिव व डीजीपी को इस मामले में दोषी पाए जाने वालों पर शीघ्र कारवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक स्वास्थ्य व सीएमओ हरिद्वार को चिकित्सालयों में भर्ती लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। इस हृदय विदारक घटना में जान गंवाने वालों के प्रति मेरी संवेदना है।
17लोगों की मौत होने की हुई पुष्टि

अजय रौतेला, आईजी गढ़वाल का कहना है कि जहरीली शराब पीने से अभी तक 17 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। करीब 57 लोग बीमार हैं। उनका उपचार कराया जा रहा है। कच्ची शराब बनाने और बेचने वालों के बारे में जानकारी जुटाते हुए उनके ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस मामले में झबरेड़ा एसओ सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

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