राफेल रिपोर्ट से पहले कांग्रेस का CAG महर्षि पर हितो के टकराव का आरोप

राफेल: रिपोर्ट से पहले कांग्रेस का CAG महर्षि पर हितों के टकराव का आरोप, जेटली ने किया खारिज

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि 36 राफेल विमानों की खरीद के करार की ऑडिट प्रक्रिया से राजीव महर्षि खुद को अलग कर लें क्योंकि वह उस समय वित्त सचिव थे और खरीद की प्रक्रियाम में भागीदार थे। उन्होंने कहा कि महर्षि खुद के खिलाफ ही जांच कैसे कर सकते हैें।

राफेल डील को लेकर बीजेपी पर हमलावर कांग्रेस ने अब नई मांग रखी है। हितों के टकराव का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने रविवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)राजीव महर्षि से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के करार की ऑडिट प्रक्रिया से खुद को अलग करने की मांग की। दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने CAG पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बलने कहा, ‘चूंकि तत्कालीन वित्त सचिव के तौर पर वह इस वार्ता का हिस्सा थे इसलिए उन्हें ऑडिट प्रक्रिया से खुद को अलग कर लेना चाहिए।’ कांग्रेस ने यह भी कहा है कि महर्षि द्वारा संसद में राफेल पर रिपोर्ट पेश करना अनुचित होगा। आपको बता दें कि सोमवार को संसद में विवादित राफेल डील पर सीएजी रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना है।

संस्थाओं को नष्ट करने वालों का CAG संस्था पर एक और हमला: जेटली
दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने CAG पर हितों के टकराव संबंधी कांग्रेस के आरोपों को ‘झूठ पर आधारित’ बता खारिज किया है। जेटली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘झूठ के आधार’ पर अब CAG जैसी संस्था पर कलंक लगा रही है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘संस्थाओं को नष्ट करने वालों का अब झूठ के आधार पर CAG की संस्था पर एक और हमला। सरकार में 10 साल रहने के बाद भी यूपीए के पूर्व मंत्रियों को यह भी नहीं पता है कि फाइनैंस सेक्रटरी सिर्फ एक पद है जो वित्त मंत्रालय में वरिष्ठतम सेक्रटरी को दिया जाता है। सेक्रटरी (इकनॉमिक अफेयर्स) का रक्षा मंत्रालय की खर्च से जुड़ी फाइलों में कोई भूमिका नहीं होती। रक्षा मंत्रालय की फाइलों को सेक्रटरी (एक्सपेंडिचर) देखते हैं।’

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